*Title ~ ग्रह नक्षत्र*
कई दिनों बाद ऐसा दिवंद दिखा
बस चुटिया नही पकड़ी बाकी सब पकड़ लिया
कहने को तो ये सभा थी पंडितो की
ना जाने क्यों

जिन ग्रह नक्षत्र की करनी थी चर्चा
उन ग्रह नक्षत्र इनके ही ग्रह नक्षत्र को बदल दिया
एक ब्राह्मण महोदय
” ना हुआ ऐसा तो पंडिताई छोड़ देगे” कह उठ खड़े हुए
तो दूजे ने तो
विपक्ष में अपनी चोटी को ही खोल लिया

बिचारी चोटी हुई भी न थी दो अंगुल की
ऐसे युद्ध को देख खुद ही अपना गला घोट लिया
अंततः सुलह हुई पंडितो की
कहा बड़ा ही अच्छा अभिनय किया
दोनो का मार्केट बन गया
एक को दो तो एक को तीन ग्राहक मिल गए
हर हर महादेव कह
नए नए नोटो पे अपना नाम अंकित किया
~अंकित सेंगर ( #kavyakahani)
Ig @kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani
Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/
WordPress
https://kavyakahani.art.blog/
Author

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani









































