हां सुन रहे हो ना , सुन ही तो रहा हूं इतने सालो से , काश समय रहता सुन लेता
क्या सुन लेते समय रहते बताना जरा, कुछ नही , नही कुछ तो कहा है तुमने
अरे बस समय रहते सुन लिया तभी तो तुम जैसी सुंदर पत्नी मिली, देखो मज़ाक मत करो मुझे पता है तुम कुछ और कह रहे थे
अरे यही कह रहा हूं की तुम जैसी परी ना जाने कैसे मेरे भाग्य में आ टपकी, आ टपकी ? समझ रही हूं सब , अभी मां से शिकायत करती हूं जितने उड़ रहे हो अभी नीचे उतार देगी
(उसे बाहों में भरते हुए) अरे प्रिए , मां को क्यों शामिल करना आपस में सुलझा लेते है
नही मां को तो बताना ही होगा , अरे मान भी जा मेरी मां, क्या कहा तुमने , मतलब मान भी जाओ मेरी जान
अच्छा ठीक है 2000 निकालो मुझे नई साड़ी लेनी है , इतनी महंगी , देते हो या मां से शिकायत करू , माफ कर दो , दो क्यों तीन ले जाओ शिकायत क्यों करनी
– अंकित सेंगर #kavyakahani
Follow us on instagram @kavyakahani @ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws Or #kavyakahani