*तुम कौन होती हो*
तुम कौन होती हो बताने वाली
ये बोल उसने अपनी मां को दरकिनार किया
समय का चलन बदल गया है
उसकी मां ने चुपचाप आसूं पोछे

और नज़रे नीचे कर कमरे से बाहर चली गई
अब उसने नहीं कोई सवाल किया
बड़ी हो रही है उसकी लाडली
ना रोक सकी ममता से विवश हो
अंकित बस एक छोटा सा सवाल किया
जवाब में अपनी बेटी के ऐसे शब्दो को सुन
नम आंखों से अपने अतीत को याद किया
सालो पहले जब वो भी जवानी की दहलीज पे आई थी
उसने अपनी मां को भी ऐसी ही खोटी बाते सुनाई थी
समय के उसी चलन को दुबारा देख
उसका मन सहम गया
कैसे उसकी एक गलती से
उसका गर्भ ठहर गया

बिनबिहाई मां बना प्रेमी भी संग छोड़ गया
पूरी तरह से हो चुकी थी खंडित वो
तब उसी मां ने संभाला
जिसे उसने हर घड़ी अपमानित किया
आखिर में आसू पौछ
उसे उसके सवाल का जवाब मिल गया
“मैं मां हूं”
प्यार से देखा उसे और दिल से माफ किया
– अंकित सेंगर (#kavyakahani )
Ig @kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani
Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/
WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Author

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
kavyakahani































