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रहस्य जीवन में
कई बार राह दिखा देते है
जो अपने बन धोका देते
ऐसे भी चेहरे दिखा देते है
ऐसे ही अपनो ने
मेरे राज उजागर कर
मेरे जीवन के
सारे रंग भंग कर दिए
उनके इस रंग भंग ने
जीवन को नए प्रसंग दिए
उनके इन प्रसंगों ने
जीवन तहस नहस कर डाला
उनके इस कृत्य ने
मुझे जीते जी मार डाला
फिर भी उम्मीद थी
वो तो साथ देगी ही
पर टूट तो तब गया
जब उसने भी
अपना हाथ मुझसे
छुड़ा डाला
उसका ये व्यवहार मुझे तोड़ गया
उसकी अकंशाओ ने मुझे रौंद दिया
अब ना ही कोई प्यार
ना ही कोई अपना है
बस मेरा एकांत है
और उसके प्यार को पाना
यहीं एक सपना है
मैं जानता हूं
अकंशाओ को अंकित करना
पर अब ना ही कोई उमंग
ना ही उसका प्यार है
सहर्ष स्वीकार मुझे
मेरी उसके प्यार के उम्मीद में
जलने की पीड़ा
शायद मेरे लिए प्यार नही
बस लोगो की गृना
और ये विषाक्त एकांत है
Ankit Sengar
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जो होता अच्छे के लिए होता🌈
था उदास बैठा मैं
रूठा हुआ की नही सुनता
कोई मेरी बात
ना जाने कब दादी आ गई
पूछ बैठी
क्या हो गई बात
मैं क्या कहता
क्यों उदास बैठा
हाथ फेर पूछने लगी
बेटा बताओ
क्या हो गई बात
वो जानती थी
मेरी उदासी की वजह
वो वजह जिससे भागता
था मैं हर बार
उन्होंने कहा
“जो होता अच्छे को होता”
याद रखना मेरी ये बात
आज इतने वक्त बात भी
हिम्मत दे जाती है
उनकी वोही बात
कई बार उस वक्त ना सही
पर आखिर मैं समझ ही आ जाता
हर घटना के पीछे की
नियति ने छुपा रखा कुछ
वो अच्छाई
जो समझ आती
वक्त गुजर जाने के बाद
–Ankit Sengar
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सरहद से बुलावा
जाना ही था
मैं उदास
पर क्या करू बुलावा आया
जाना ही था
सब लोग उदास है
खास तौर से वो
उसकी नम आंखे
रुकना चाहता हूं
पर फर्ज़ निभाना भी तो था
अगर न बुलावा आता तो शायद
आज एक नया रिश्ता। होता
अपनो से ज्यादा
मुझे उनसे अपनापन निभाना
ही तो था
फर्ज़ है इस मिट्टी से
इसी की खातिर तो
ये जन्म लिया
अब इस मिट्टी का कर्ज
भी चुकाना भी तो था
कोई दुःख नहीं ये सुख है मेरा
कोई गम नही
ये है लक्ष्य मेरा
वो समझ गई की
की ये सफर जरूरी है
वो जान गई
मेरी मंजिल
मेरी जिंदगी से जरूरी है
उसने अपने आसू पोछ
मुझे गले लगा लिया
कहा जाओ सरहद पे
और अपनी तस्वीर को
मेरे बटुए में लगा दिया
कहा वो इंतजार करेगी
हमारी शादी का
अपने आसू छुपा
मेरे गले लगी रही
मेरी हिम्मत बढ़ाई
मेरी साथी बनी रही
प्यार से चूम मेरा हाथ
मेरे सही सलामत
रहने और घर जल्द वापस
लोटने का वादा लिया
जब चलने लगा तो
उसकी ये बात दिल को छू गई
” प्यार में मैने हर खुशी दी
पर अब मेरा इस मिट्टी का
फर्ज़ निभाना जरूरी था”
–अंकित सेंगर
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❤️ थम सा जाता है
कोशिशें कितनी भी करे
पन्ना पलट नही पता है
जो दिल में उसके लिए
जहां भी रुक जाता है
कोशिश तो हमेशा ही
एक नई शुरुवात की
कंबख्त ये दिल
आज भी उसे देख
थम सा जाता है
–अंकित सेंगर
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एक लंबा वक्त गुजर गया
मैं हसू पर मुस्कान नही
तेरी याद हर पल रही
दूर, पर तू मेरी रूह के साथ थी
फासले मुझे तन्हा लगे
तेरे बिना हर खुशी मेरी आध थी
तू आ गई सूकू मेरे दिलो जान को
तेरे साथ मेरी मुस्कुराहट भी वापस आ गई
ये हाल दिले साहेब का
पर मेरी जां तेरे साथ थी
ऐ हाल ऐ वादी
तू मेरे दिल में अंकित दूर थी
पर मेरे साथ थी
-Ankit Sengar
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ज़रा सी बात थी वो
तुम क्यों दिल से लगा बैठ गई
क्या हक नही मेरा
की कभी तुमसे खफा हो सकूं
एहसास मेरे
तुम्हारे दिल से तुम पूछ लो
क्या प्यार नही
जो यूं अकेला छोड़ गई
ज़रा सी बात थी वो
तुम क्यों दिल से लगा बैठ गई
🗣️
–अंकित सेंगर
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समय चल पड़ा
⏳
समय चल पड़ा
कल लेना खुद को थाम
एक लम्हे को गलत
भले समझना
मन को लेना थाम
विरह की बेला हैं
कर देना मुझे माफ
समय मुझे पुकारे
न कह सकता इस बार
अगर बची रही सांसे
जरूर लूंगा थाम
हाथ तेरा इस बार
–अंकित सेंगर
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पहचान खुद से
👥
बेहतरी दूसरो की सलाह से
जरा वक्त खुद ले लेना है
भला ऐसा कोन ही
इस जहां मैं
जो मेरी पहचान मुझ से ज्यादा
मुझे अंकित कर सके
–अंकित सेंगर
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The past leaves🍁
but it leaves
I still worried about Future
But
I live in Present
– ANKIT SENGAR
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