“कहानी कोरे पन्ने सी”

“कहानी कोरे पन्ने सी

एक खुली किताब जैसा मैं
कहानी मेरी कोरे पन्नो सी

एक बूंद सिहायी गिरी न जाने कहां से
एक तरफा पन्ना काला हो गया

कश्मकश देखो इस जिंदगी की
काला सब गौर करे, कोरा नजरंदाज हो गया

फर्क ना पड़ा जब और ने देखा
लेना ही क्या उनसे मेरा,
मैं मुस्कुरा कर चुप हो गया

घुटन तो तब हुई जब
अपनो ने भी बस वो काला ओर देखा
और मेरे कोरे रूप को नजरंदाज किया

पर दोष उनका नही
मैने तो, उनको भी माफ किया

क्या अंकित करू
हूं ही एक किताब

अपने काले पन से उनकी गलती साफ की
और कोरे पन को उनकी चमक में न्योछावर किया

– अंकित सेंगर
#kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai

Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani 

Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/

WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Author

ANKIT SENGAR author #kavyakahani
Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani

#kavyakahani

Why???Society Always considers boy as characterless

Why???
Society Always consider boy as characterless
————————-
What else to say to someone
good at heart

She is happy with someone else
I am also happy in her happiness

It would be nice to be alone
I am happy with her memories

In reality you’re unfaithful
But to the world I’m unfaithful
I take your stigma on myself

Anyway, this society considers only the boys as characterless.

Ankit Sengar
#kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai

Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani 

Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/

WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Author

ANKIT SENGAR author #kavyakahani
Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani

#kavyakahani

“दफ़न रहना अच्छा है”

“दफ़न रहना अच्छा है”

क्या और क्यों कहना किसी से
मेरे जज्बातों का दिल में ही रहना अच्छा है

वो दूर किसी और में खुश
मेरा बस यादों में खुश रहना अच्छा है

अच्छा होगा की तन्हा रहूं
जज्बातों में ही तन्हा रहना अच्छा है

दूर से ही सही वो हंसते हुए दिखे
बस दूर से ही उन्हें देखना अच्छा है

प्यार में अंकित हुआ उनके
उन पे ना दाग लगे, मुझ पे ही दाग अच्छा है

वैसे भी लड़के तो होते ही
कलंक के लिए जनाब

उनके टूटे दिल को
मजबूत सीने में दफ़न अच्छा है

उस टूटे दिल का दफ़न रहना अच्छा है

अंकित सेंगर
#kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai

Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani 

Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/

WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Author

ANKIT SENGAR author #kavyakahani
Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani

#kavyakahani

मुझे बताना नही आता

*मुझे बताना नही आता*

क्या हाल बताऊं उसे दिल का
मुझे बताना नही आता

कैसे समझाऊं उसे क्या है हाल इस मन का
मुझे समझना नही आता

अलग है मन उससे
न जाने ख्याल उसी का, क्यो आता


प्यार का पता नही
खुद को ही खुद में कैद किया मैने

एहसास और दर्द तो अंकित होता
पर कैसे जताऊं समझ नही आता

क्या हाल बताऊं उसे दिल का
मुझे बताना नही आता

–अंकित सेंगर
#kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai

Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani 



Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/

WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Author

ANKIT SENGAR author #kavyakahani
Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
kavyakahani

#kavyakahani

क्या फर्क पड़ता…

*क्या फर्क पड़ता*

क्या फर्क पड़ता
किसी ख़्वाब को सजाने का

कोई हाल पूछे तो बताऊ
दिल में तो बहुत कुछ
पर किसे सुनाने का

सब बस अपनी लगाए पड़े
क्या हाल है अंकित बताने का

बेहतर है उम्मीद ही न करू
किसी का सहारा नही
हाल -ए- ज़ख्म दिखाने का

भला क्या फर्क पड़ता
किसी ख़्वाब को सजाने का

– अंकित सेंगर
#kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai

Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani 


Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/

WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Instagram
http://instagram.com/ankitsengarorai

http://instagram.com/kavyakahani

Author

ANKIT SENGAR author #kavyakahani
Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani

#kavyakahani

प्यार बस एक सुंदर ख्वाब

*प्यार बस एक सुंदर ख्वाब*

मेरी बातो वो मज़ाक समझे
प्यार को भी बस मजाक

वो खुद को मेरी अपनी कहती हैं
मेरे दर्द को जगा चली, सोने की बात

ना कह सका दिल की तकलीफ उससे
नहीं वो चाहती समझना, दिल की बात

बस बताती हाल वो अपने दिल का
नहीं सुन्ना चाहती मेरे दिल की बात

कोई फ़र्क न पड़ता इस तनहाई का
अकेला ही तो हूं अपनो के भी साथ

प्यार बस, एक ख्वाब सुंदर सा
नहीं अंकित इस पे, दर्द भरे दिल के राज

–अंकित सेंगर
#kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai

Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani 



Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/

WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Author

ANKIT SENGAR author #kavyakahani
Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
kavyakahani

#kavyakahani

एकांत उपवन में

*एकांत उपवन में*

यूं तो रहा हूं एकांत वन में
प्रकृति का संगम रहा मुझ से दूर

न जा सका प्रेम उपवन में
बस मेरी आराध्या देवी ही है
मेरे लिए प्रेम की डोर

उनके ही एक अवतरण के नाम
किसी को मैने अपने अंतर का भेद खोल दिया

उस पगली ने सब कुछ देखा
बस प्रेम रूपी मोती को छोड़ दिया

वो रमण करती रही उस उपवन के हर घटक
हर पल भ्रमित, प्रेम छोड़, हर वस्तु पर गौर किया

वो साधक बैठा अपनी देवी को सुमिरे
बस उस देवी के अतरिक्त

उसने उस कोयल को
अपने अंतर में स्थान दिया

वो पगली समझी न इस प्रेम को
साधक के अंतर पे प्रश्न किए
अंतर के प्रेम को नजरंदाज किया

वो मुस्कुराता रहा
उस अनदेखेपन में भी

वो पहली थी जिसे उसने,
अपनी आराध्या देवी के अतरिक्त
अपनी आत्मा में साध्य किया

वो पगली भागती रही मृग मर्चिका जैसे
अंकित तो था वो अंतर में

न जाने क्यों
उस पगली ने समाज की सुनी

अनधेका किया साधक को उसके भद्रा रूप पे
जिसने उसे पहली नजर में उसे प्यार किया

जिसने उसे पहली नजर में
प्यार किया

अंतर– मन ,भद्रा– देखने में बुरा

– अंकित सेंगर
#kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai

Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani 

Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/

WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Author

ANKIT SENGAR author #kavyakahani
Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani

#kavyakahani

सच्चा या झूठ की शुमार था

*सच्चा या झूठ की शुमार था*

मिला था उससे, फिर से एक बार
ये हमारे रिश्ते का पहला पड़ाव था

उसे प्यार है ,की नही, पता नही
बस उसका व्यवहार एक सवाल था

वो दोतर्फा सुलूक दिखा रही
न जाने क्या सच्चा या झूठ की शुमार था

गैरो के आगे वो प्यार दिखा रही
और अकेले में पता नही, कहा प्यार था

वादे किए हजार उससे अपने प्यार के
मेरी वफा तो उसे अंकित हो चुकी

क्या वफा ए महोबत्त सवाल वोही
क्या उसके दिल में भी अंकित

मेरे लिए सच्चा प्यार था
या बस दिखावा और झूठ की शुमार था

–अंकित सेंगर
#kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai

Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani 



Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/

WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Instagram
http://instagram.com/ankitsengarorai

http://instagram.com/kavyakahani

Author

ANKIT SENGAR author #kavyakahani
Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
kavyakahani

#kavyakahani

प्यार करे या ना करे

*प्यार करे या ना करे*

कुछ वक्त बचा है मिलने का
पर उसका मन नहीं वो बात करे

वो बहाने ढूंढ दूर भाग रही
दिल कैसे उससे प्यार करे

मेरे ख्यालों में मैं उसे चुनता
कभी वो भी तो इकरार करे

चाहता हूं उसे सुनना
कभी मुझ से भी बात करे

शायद बस यही अंकित करना
मुझे तो है चाहे वो प्यार करे या ना करे

–अंकित सेंगर
#kavyakahani
@kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai

Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani 

Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/

WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Author

ANKIT SENGAR author #kavyakahani
Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani

#kavyakahani

मेघनाद

मेघनाद

गुंजायमान नभ हो गया
जिसकी किलकार से
गुंजन गरज हो गया
जिसकी हुंकार से
देव भी माने समर्थ जिसका
देवी जिसकी आराध्या है
नागपाश का स्वामी वो
नारायण को फ़ासा जिसने पाश में
है वो ये मेघनाद
जिसका जीवन कर्मप्रधान है
रोका था उसने
ना था अधर्म के साथ में
विवश था पुत्र कर्तव्य से
उतरा दिखाने रणकोशल

समुख विष्णु और शेषनाग के
युद्ध हुआ तेज दिखा
दिखा एक वीर संग वैराग्य के
त्याग वो जीवन का मोह
बस कर्तव्य समझ
वो प्रस्तुत हुआ शेषनाग के
घनघोर युद्ध किया उसने
कॉप उठे लोक भय और हुंकार से
आखिर अंत हुआ उस वीर का
लक्ष्मण खुद कहे जटिल योद्धा था वो
ये एक सच्चा समान है
किया उसने पूरा वीरता का धर्म
इसलिए राम ने भी की प्रसंशा
वो जटिल योद्धा मेघनाद है
वो जटिल योद्धा मेघनाद है

अंकित सेंगर @kavyakahani

Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai

Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani 

Yourquote
https://www.yourquote.in/sarang-c67ws/quotes/

WordPress
https://kavyakahani.art.blog/

Author

ANKIT SENGAR author #kavyakahani
Follow us on instagram
@kavyakahani
@ankitsengarorai
Find me on Google type : sarang-c67ws
Or
#kavyakahani

#kavyakahani